धार में 7 दिवसीय सिविल डिफेंस क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का समापन
150 सिविल डिफेंस वालंटियर्स ने लिया प्रशिक्षण, आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए हुए तैयार
धार। मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं मुख्यालय होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन, भोपाल के निर्देशानुसार धार में 6 से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित सात दिवसीय सिविल डिफेंस क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम-2026 का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में जिले के 150 सिविल डिफेंस वालंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक दक्षता प्रदान करना था। सात दिनों तक विभिन्न विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन एवं जोखिम न्यूनीकरण, नागरिक सुरक्षा, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, अग्नि सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, आपातकालीन संचार, राहत एवं बचाव कार्य तथा संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक अभ्यास एवं डेमो के माध्यम से स्वयंसेवकों की टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया। वास्तविक आपदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित एवं समन्वित तरीके से राहत और बचाव कार्य करने की तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
समापन समारोह में डिवीजनल कमाण्डेन्ट होमगार्ड, इंदौर संभाग श्रीमती प्रीतिबाला सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने वालंटियर्स को जैकेट वितरित कीं और प्रशिक्षण के दौरान उनके प्रयासों एवं सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए प्रत्येक स्वयंसेवक का प्रशिक्षित, अनुशासित, संवेदनशील और सेवा-भाव से परिपूर्ण होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस की भूमिका केवल आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा से पूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, जन-जागरूकता और सामुदायिक क्षमता निर्माण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड धार श्री आर.पी. मीना ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, गांव, वार्ड और स्थानीय समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने आमजन में आपदा से बचाव, प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले में प्रशिक्षित एवं सक्षम सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की संख्या में वृद्धि हुई है। ये स्वयंसेवक भविष्य में प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा, आपातकालीन स्थिति या अन्य संकट के समय जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीईआरएफ एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र एवं समाज की सेवा के संकल्प के साथ हुआ।

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